Farhat Ehsas Poetry / Shayari / Ghazals | फ़रहत एहसास की शायरी

Farhat Ehsas Poetry / Shayari / Ghazals | फ़रहत एहसास की शायरी
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Farhat Ehsas Poetry / Ghazals Collection
farhat ehsas urdu poetFarhat Ehsas (Farhatullah Khan) was born at Bahraich, Uttar Pradesh, India in 1952 on 25th December. Farhat Ehsas is one of the utmost contemporary post-modern Urdu poet in India. Though a specialist in traditional Persian and Urdu poetic tradition, over a period of time he has mastered a poetic idiom which while drawing freely from the classical aesthetics is able to express the pangs, sorrows and miseries and also blisses of the common man living amidst the devastations created by the governmental excesses, financial corruption and societal anarchy, and ethical and psychic void.
Farhat Ehsas has been an editor for the literary magazine of the most prestigious Urdu daily in north India, the Qaumi Aawaz, New Delhi, for quite a few years. Moreover, for over 15 years he has been contributing commentaries on current affairs to All India Radio and also the Urdu Service of BBC.
Farhat Ehsas has been associated with two internationally reputed research journals in English and Urdu published by the Zakir Hussain Institute of Jamia Millia Islamia University, New Delhi. At present, he is associated with Rekhta.org, the website for Urdu sher-o-shayari and Literature. He has also earned reputation as a script writer for several documentaries and TV serials. He was a script-writer for Bazm-e-Sukhan, a poetry based programme and fiction series Ek Nazar Kee Tamanna for the UTN, Zee TV. He has also written dialogues for a feature film Wanted No 1 in addition to writing scripts of several serials for All India Radio.
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SN: Farhat Ehsas Ghazals:
01. Aakhir Us Ke Husn Ki Mushkil Ko Hal Maine Kiya / Farhat Ehsas
फ़रहत एहसास की शायरी संग्रह हिंदी में
फ़रहत एहसास (फ़रहतुल्लाह ख़ाँ) बहराइच (उत्तर प्रदेश) में 25 दिसम्बर 1950 को पैदा हुए। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में शिक्षा प्राप्ति के बा’द 1979 में दिल्ली से प्रकाशित उर्दू साप्ताहिक ‘हुजूम’ का सह-संपादन। 1987 में उर्दू दैनिक ‘क़ौमी आवाज़’ दिल्ली से जुड़े और कई वर्षां तक उस के इतवार एडीशन का संपादन किया जिस से उर्दू में रचनात्मक और वैचारिक पत्रकारिता के नए मानदंड स्थापित हुए। 1998 में जामिया मिल्लिया इस्लामिया, नई दिल्ली से जुड़े और वहाँ से प्रकाशित दो शोध-पत्रिकाओं (उर्दू, अंग्रेज़ी) के सह-संपादक के तौर पर कार्यरत रहे। इसी दौरान उन्होंने ऑल इंडिया रेडियो और बी.बी.सी. उर्दू सर्विस के लिए कार्य किया और समसामयिक विषयों पर वार्ताएँ और टिप्पणियाँ प्रसारित कीं। फ़रहत एहसास अपने वैचारिक फैलाव और अनुभवों की विशिष्टता के लिए जाने जाते हैं। उर्दू के अलावा, हिंदी, ब्रज, अवधी और अन्य भारतीय भाषाओं और अंग्रेज़ी व अन्य पश्चिमी भाषाओं के साहित्य के साथ गहरी दिलचस्पी। भारतीय और पश्चिमी दर्शन से भी अंतरंग वैचारिक संबंध। सम्प्रति उर्दू ज़बान और शायरी की सर्वाधिक प्रतिष्ठित संस्था ‘रेख़्ता फ़ाउंडेशन’ में मुख्य संपादक के पद पर कार्यरत।

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क्रम संख्या: फ़रहत एहसास की ग़ज़लें:
01. आख़िर उस के हुस्न की मुश्किल को हल मैंने किया / फ़रहत एहसास