Adil Mansuri Poetry / Shayari / Ghazals | आदिल मंसूरी की शायरी

adil mansoori Adil Mansuri Poetry / Ghazals Collection

Farid Mohammad (1936-2008), who acquired the name Adil Mansoori as a poet, was born in Ahmedabad. He spoke Gujarati at home but also got educated in Arabic and Urdu. Although he migrated to Pakistan with his family following the Partition of India, he returned eight years later. He finally migrated to the United States of America at a much later stage in his life where he lived all through and died with his name around as a fine calligrapher, painter, playwright, and a poet in Urdu and Gujarati. Read all his Poetry collection onGulzariyat.com

आदिल मंसूरी की शायरी संग्रह हिंदी में 

आदिल मंसूरी,जन्म समय नाम फरीद मोहम्मद गुलाम नबी मंसूरी, 18 मई 1936 को अहमदाबाद में हुआ था। उन्होंने प्रेमचंद रायचंद ट्रेनिंग कॉलेज, अहमदाबाद से अपनी प्राथमिक शिक्षा पूरी की और जीएल निऊ इंग्लिश स्कूल, अहमदाबाद और महानगर हाईस्कूल, कराची से अपनी माध्यमिक शिक्षा पूरी की। उन्होंने कई व्यवसायों पर अपना हाथ आजमाया। उन्होंने कराची में और अपने पूर्वजों के कपड़े की दुकान पर और बाद में अहमदाबाद में कपास और कपड़े के व्यवसाय में काम किया। उन्होंने अंग्रेजी टॉपिक और गुजराती अंगना पत्रिकाओं के साथ पत्रकार के रूप में काम किया। 1972 में विज्ञापन एजेंसी शिल्पी के कॉपीराइटर रहे। आदिल मंसूरी की गजल की प्रयोगात्मक रूपों में दिलचस्पी थी। वलांक (1963), पगार्व (1966) और सतात (1970) उनके गजल संग्रह हैं। उन्होंने कई अन्य रूपों में कविता लिखी है, लेकिन उन्हें मुख्यतः अपने गजलों के लिए जाना जाता है। उनकी गजल उर्दू गजल से प्रभावित हैं। उन्होंने गुजराती, हिंदी और उर्दू में गजलें लिखी और एक भाषा के शब्दों का दूसरी में खुल कार इस्तेमाल किया। हाथ पग बंधायेला छे (1970) और जे नथी ते (1973) उनके अब्सर्ड एकांकी नाटकों के संग्रह हैं। आदिल मंसूरी को 2008 में वली गुजराती पुरस्कार मिला। 6 नवंबर 2008 को संयुक्त राज्य अमेरिका, न्यू जर्सी में आदिल मंसूरी की मौत हो गई। गुलज़ारियत डॉट कॉम पे आप आदिल मंसूरी साहब की सभी शायरी / ग़ज़ल को हिंदी में पढ़ सकते हैं ।

SN Ghazal / ग़ज़ल by Adil Mansuri
01. Aadhon Ki Taraf Se Kabhi Paunon Ki Taraf Se – Adil Mansuri
02. Aashiq The Shahar Mein Jo Puraane Sharab Ke – Adil Mansuri
03. Ab Tootne Hi Waala Hai Tanhaai Ka Hisaar – Adil Mansuri
04. Badan Par Nai Fasl Aane Lagi – Adil Mansuri
05 Bhool Kar Bhi Na Phir Malega Tu – Adil Mansuri